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2: खुद से मुलाकात किए कितने दिन हुए | जानिए कितना जरूरी है खुद के साथ समय बिताना
2: खुद से मुलाकात किए कितने दिन हुए | जानिए कितना जरूरी है खुद के साथ समय बिताना
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Available Episodes

EPISODE 24

हम वेलेंटाइन्‍स डे को उस व्‍यक्ति के साथ बिताना चाहते हैं, जो हमें सबसे ज्‍यादा प्‍यार करता है, हमारा सबसे ज्‍यादा ध्‍यान रखता है और हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़ा रहता है। पर क्‍या ... Read more

हम वेलेंटाइन्‍स डे को उस व्‍यक्ति के साथ बिताना चाहते हैं, जो हमें सबसे ज्‍यादा प्‍यार करता है, हमारा सबसे ज्‍यादा ध्‍यान रखता है और हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़ा रहता है। पर क्‍या हमारे अलावा भी कोई ऐसा है, जो ये सब हमारे लिए कर सकता है? हेल्‍थ शॉट्स पॉडकास्‍ट ‘मन की मेधा’ के इस एपिसोड में डॉ. मेधावी जैन कर रहीं हैं अपने सबसे प्‍यारे वेलेंटाइन के बारे में बात।  Read more

EPISODE 23

कभी-कभी आसपास बिल्‍कुल शांति होने के बावजूद हमारे मन में खलबली मची होती है। हम भीतर से बेहद अशांत होते हैं और अपने आप से ही जूझ रहे होते हैं। आखिर क्‍यों होता है ऐसा ?  क्‍या है मन ... Read more

कभी-कभी आसपास बिल्‍कुल शांति होने के बावजूद हमारे मन में खलबली मची होती है। हम भीतर से बेहद अशांत होते हैं और अपने आप से ही जूझ रहे होते हैं। आखिर क्‍यों होता है ऐसा ?  क्‍या है मन की इन बेचैनियों का कारण? हेल्‍थशॉट्स पॉडकास्‍ट ‘मन की मेधा’ के इस एपिसोड में डॉ. मेधावी जैन ढूंढ रहीं हैं इन्‍हीं सवालों के जवाब।  Read more

EPISODE 22

आपकी पूंजी कब आपके लिए बोझ या जिम्‍मेदारी बन जाती है आपको पता ही नहीं चलता। कहीं न कहीं हमारी सोच भी इसके संचय को प्रभावित करती है। मन की मेधा के इस एपिसोड में लाइफ कोच डॉ. मेधावी ... Read more

आपकी पूंजी कब आपके लिए बोझ या जिम्‍मेदारी बन जाती है आपको पता ही नहीं चलता। कहीं न कहीं हमारी सोच भी इसके संचय को प्रभावित करती है। मन की मेधा के इस एपिसोड में लाइफ कोच डॉ. मेधावी जैन बता रहीं हैं पूंजी को संभालने के सात्विक तरीके।  Read more

EPISODE 21

आप भी सोचती होंगी कि कोई भी रिश्‍ता वैसा क्‍यों नहीं होता जैसा आपने परी कथाओं में सुना है। रोमांटिक मूवीज में भी शादी हर संघर्ष का अंत लेकर ही आती है। जबकि वास्‍तविकता इससे बिल्‍कु ... Read more

आप भी सोचती होंगी कि कोई भी रिश्‍ता वैसा क्‍यों नहीं होता जैसा आपने परी कथाओं में सुना है। रोमांटिक मूवीज में भी शादी हर संघर्ष का अंत लेकर ही आती है। जबकि वास्‍तविकता इससे बिल्‍कुल अलग है। समझिए कैसे हर नया रिश्‍ता आपके लिए लेकर आता है कुछ और जिम्‍मेदारियां मन की मेधा के इस एपिसोड में लाइफ कोच डॉ. मेधावी जैन के साथ।  Read more

EPISODE 20

हमें अकसर ऐसा लगता है कि जो हमारे अपने होते हैं, वही हमें सबसे ज्‍यादा पीड़ा देते हैं। तब क्‍या हम स्‍वयं भी खुद को तकलीफ दे सकते हैं? क्‍योंकि हमसे ज्‍यादा हमारा अपना कौन होगा! मन ... Read more

हमें अकसर ऐसा लगता है कि जो हमारे अपने होते हैं, वही हमें सबसे ज्‍यादा पीड़ा देते हैं। तब क्‍या हम स्‍वयं भी खुद को तकलीफ दे सकते हैं? क्‍योंकि हमसे ज्‍यादा हमारा अपना कौन होगा! मन की मेधा के इस एपिसोड में लाइफ कोच डॉ. मेधावी जैन बता रहीं हैं कि कैसे हमारा व्‍यवहार हमारे लिए कष्‍टकारक हो सकता है।  Read more

EPISODE 19

एक प्रचलित विज्ञापन है, ‘डर के आगे जीत है’ । इसके बावजूद हम सभी को किसी न किसी चीज से डर लगता है। पर क्‍या कभी सचमुच आपने इस डर को लांघने की कोशिश की है? 'मन की मेधा' के इस एपिसोड ... Read more

एक प्रचलित विज्ञापन है, ‘डर के आगे जीत है’ । इसके बावजूद हम सभी को किसी न किसी चीज से डर लगता है। पर क्‍या कभी सचमुच आपने इस डर को लांघने की कोशिश की है? 'मन की मेधा' के इस एपिसोड में डॉ. मेधावी जैन बता रहीं हैं क्‍या है डर की उस दीवार के पार।  Read more

EPISODE 18

हम 2020 के अंत में हैंं। इस समय सभी बीते साल का लेखा-जोखा तैयार कर रहे होंगे। पर क्‍या आपने गौर किया है कि आपका दृष्टिकोण किसी भी चीज को अच्‍छा या बुरा बना सकता है! जानना चाहती हैं ... Read more

हम 2020 के अंत में हैंं। इस समय सभी बीते साल का लेखा-जोखा तैयार कर रहे होंगे। पर क्‍या आपने गौर किया है कि आपका दृष्टिकोण किसी भी चीज को अच्‍छा या बुरा बना सकता है! जानना चाहती हैं कैसे तो डॉ. मेधावी जैन को सुनिए मन की मेधा के इस वर्ष के आखिरी पॉडकास्‍ट में।   Read more

EPISODE 17

प्रोफेशनल होना सशक्‍त होने का परिचय है, लेकिन कहीं ये आपके लिए मजबूरी तो नहीं हो गया? वर्क फ्रॉम होम और वर्क फोर होम करते-करते इस पर विचार करना जरूरी हो गया है कि क्‍या वाकई सभी लड ... Read more

प्रोफेशनल होना सशक्‍त होने का परिचय है, लेकिन कहीं ये आपके लिए मजबूरी तो नहीं हो गया? वर्क फ्रॉम होम और वर्क फोर होम करते-करते इस पर विचार करना जरूरी हो गया है कि क्‍या वाकई सभी लड़कियां अपने परिवार का समय स्‍वेच्‍छा से व्‍यवसायिक जगत को देना चाहती हैं? Read more

EPISODE 16

100% मार्क्‍स, बहुत अच्‍छी नौकरी, खूब सारा पैसा और अच्‍छा रिश्‍ता.... क्‍या असल में यही है सुख की असल परिभाषा? अगर हां तो इसके बावजूद क्‍यों रह जाता है मन में एक तरह का खालीपन? मन ... Read more

100% मार्क्‍स, बहुत अच्‍छी नौकरी, खूब सारा पैसा और अच्‍छा रिश्‍ता.... क्‍या असल में यही है सुख की असल परिभाषा? अगर हां तो इसके बावजूद क्‍यों रह जाता है मन में एक तरह का खालीपन? मन की मेधा के इस एपिसोड में डॉ. मेधावी जैन उस खालीपन के जवाब तलाश रहीं हैं।   Read more

EPISODE 15

डिजायनर ड्रेसेस से डेस्टिनेशन वेडिंग तक, विवाह उत्‍सव के नाम पर हमने बहुत कुछ अनावश्‍यक ओढ़ लिया था। पर कोविड-19 के दौर में जो शादियां हो रहीं हैं, उनकी अलग ही है छटा। मन की मेधा क ... Read more

डिजायनर ड्रेसेस से डेस्टिनेशन वेडिंग तक, विवाह उत्‍सव के नाम पर हमने बहुत कुछ अनावश्‍यक ओढ़ लिया था। पर कोविड-19 के दौर में जो शादियां हो रहीं हैं, उनकी अलग ही है छटा। मन की मेधा के इस एपिसोड में डॉ. मेधावी जैन साझा कर रहीं हैं, शादी उत्‍सव के ऐसे ही अनुभव को।  Read more

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